चुपचाप चल रहे थे

By | May 17, 2017

चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी मंजिल की तरफ..
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फिर रस्ते में एक लौंडियाँ मिली .. और
मंजिल की माँ चुद गयी ।
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